आबुनाथस्वामी अबधूत विश्वगुरु महामण्डलेश्वर परमहंस श्री महेश्वरानन्द पुरीजी, पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा

मैं जो भी कहता हूं वह महाप्रभुजी के ही शब्‍द हैं । वेदों और उपनिषदों में जो कहा गया है वह महाप्रभुजी ने कहा है । मेरी इच्‍छा आप सब को केवल शरीर से ही स्‍वस्‍थ व सुन्‍दर बनाने की नहीं है, मैं तो आपको जन्‍म मरण के बन्‍धन से ही छुटकारा दिलाना चाहता हूँ । मेरा प्रयास आपके समस्‍त कर्मों को ही काट देने का है । मैं उस सबसे बडे वकील से आपकी वकालत कर रहा हूं और करता रहूंगा कि जब आप इस संसार से जाएं तो आप खाली हाथ न जायें उस समय आपके साथ असली ज्ञान की ज्‍योति भी हो जो आपको परम प्रभु से मिला दे ।

July 2015

डॉ एच. आर. नगेन्द्र ओम आश्रम में

 
 २७ जुन २०१५
 
सम्मानित विद्वान् डॉ एच. आर. नगेन्द्र, स्वामी विवेकानन्द योग अनुसन्धान संस्थान, बैंगलोर - योग और आयुर्वेद के लिये मानित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति विश्वगुरुजी से मिलने हेतु जाडन आश्रम आये।
June 2015

आई दी वाई सम्मेलन के प्रतिनिधियों को विश्वगुरुजी द्वारा संबोधन

सम्मेलन के दूसरे दिन अर्न्तराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने विश्वगुरुजी के साथ मिलकर रोग और स्वास्थय को बढावा देने,विश्व शांति के लिए योग और चिकित्सीय क्षमताओं की रोकथाम के लिए योग की महत्त्वता के बारे में जानकारी दी।